धन्य है परमेश्वर, जिस ने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझ से अपक्की करूणा दूर कर दी है! Psalm 66:20 by Jesus - My Great Master · January 31, 2012 Share this:WhatsAppFacebookTwitterEmailPrintMorePinterestTumblrTelegramLinkedInRedditPocketLike this:Like Loading...
यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; John 14:6 January 27, 2012 by Jesus - My Great Master · Published January 27, 2012
यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणोंके समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्यानोंपर चलाता है।। habakkuk 3:19 February 9, 2012 by Jesus - My Great Master · Published February 9, 2012
मेरे लोग शान्ति के स्यानोंमें निश्चिन्त रहेंगे, और विश्रम के स्यानोंमें सुख से रहेंगे। Isaiah 32:18 January 29, 2012 by Jesus - My Great Master · Published January 29, 2012